Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
à¤à¤¸à¥€ महिलायें जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ नहीं होना चाहती हैं या बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के जनà¥à¤® में अंतराल रखना चाहती हैं उनके लिठगरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• दवाà¤à¤‚ बहà¥à¤¤ उपयोगी हैं। वासà¥à¤¤à¤µ में गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियां अनचाहे गरà¥à¤ से बचने का सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ उपाय हैं। गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ रोकने के अलावा à¤à¥€ इन गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• दवाओं के कई और फायदे हैं। इस लेख में हम आपको गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियों के फायदे, नà¥à¤•सान और खाने के तरीके के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बता रहे हैं।
1.गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियां (Contraceptive Pills)
महिलाओं में ये गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§ का सबसे पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ तरीका है। ये गोलियां खाना आसान है, लेकिन ये असर तà¤à¥€ करती हैं जब हर दिन इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय पर नियमित रूप से लिया जाà¤à¥¤ ये आसानी से उपलबà¥à¤§ होती हैं और आपके पीरियडà¥à¤¸ को नियमित करने में à¤à¥€ मदद करती हैं।
2. पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ की गोलियां (Progestin Pills)
इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिनी पिलà¥à¤¸' à¤à¥€ कहा जाता है। इनमें पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियों की तरह à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ नहीं होता है। ये सिरà¥à¤« पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ से बनी होती हैं, इसीलिठसिगरेट पीने वाली, दिल की मरीज, डायबिटिक महिलाओं के लिठà¤à¥€ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हैं। इनके साथ à¤à¥€ खास बात ये है कि ये असरदार तà¤à¥€ होती हैं जब इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हर रोज à¤à¤• ही समय पर खाया जाà¤à¥¤
3. वैजाइनल रिंग (Vaginal Ring)
ये à¤à¤• रिंगनà¥à¤®à¤¾ गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§ है जो फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¬à¤² पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• का बना होता है। इसे 3 हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक अपने वैजाइना में लगाठरखना होता है। गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियों की तरह ये à¤à¥€ à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥€à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ रिलीज करता है। हर महीने पीरियडà¥à¤¸ के दौरान इसे वैजाइना से निकाल देना होता है। पीरियडà¥à¤¸ खतà¥à¤® होने के बाद इसे फिर वैजाइना में फिट करें और अनचाहे गरà¥à¤ से बचें।
4. कॉनà¥à¤¡à¥‹à¤® (Condom)
ये आदमियों के साथ ही अब औरतों के लिठà¤à¥€ उपलबà¥à¤§ हैं। गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§ का ये सबसे पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ तरीका है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के साथ ही कॉनà¥à¤¡à¥‹à¤® सेकà¥à¤¶à¥à¤…ली टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिटेड बीमारियों जैसे HIV, मैनिंजाइटिस आदि से à¤à¥€ बचाते हैं इसीलिठअनà¥à¤¯ गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§ के साथ ही कॉनà¥à¤¡à¥‹à¤® à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने ही सलाह डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ देते हैं। लेकिन à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ ये आती है कि कॉनà¥à¤¡à¥‹à¤® à¤à¤²à¥‡ ही सबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हैं लेकिन 100% पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी रोकने की गारंटी नहीं देते।
5. हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ के इंजेकà¥à¤¶à¤¨ (Hormonal Shots)
ये नियमित रूप से इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किये जाने वाले इंजेकà¥à¤¶à¤‚स की ही तरह होते हैं। इनके जरिठपà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ हमारे शरीर में पहà¥à¤‚चाया जाता है। ये हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी से बचाने के लिठमहिलाओं में ऑवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ रोक देता है। इसके साथ ही ये सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ को à¤à¥€ मोटा करता है जिससे आदमी का सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® अंदर पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ ना कर सके। ये काफी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीका है जो à¤à¤• बार इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगवाने के 3 महीनों तक असरदार रहता है।
6. कॉपर टी (Copper-T)
ये à¤à¤• किसà¥à¤® का छोटा सा उपकरण होता है जो अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ के अकà¥à¤·à¤° T के आकार का होता है। इसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद से महिला के यूटेरस में फिट किया जाता है। कॉपर टी की ही तरह पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ टी à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है जो उपयोगी और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीका है।
7. मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग आफà¥à¤Ÿà¤° पिलà¥à¤¸ (Emergency Contraceptive)
इन गोलियों को इमरजेंसी गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§ कहा जाता है। ये नियमित रूप से खाने वाली गोली नहीं हैं, बलà¥à¤•ि इमरजेंसी की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में ली जानी चाहिठजब आप कोई दूसरा गरà¥à¤ निरोध इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना à¤à¥‚ल गई हों। इनमें पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ का बहà¥à¤¤ अधिक डोज़ होता है, जो सेकà¥à¤¸ के 72 घंटे के अंदर लिठजाने पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी को रोक देता है।
8. ऑपरेशन (Sterilization)
ये à¤à¤• परमानेंट तरीका है। जब कोई महिला तय कर लेती है कि वो अब बचà¥à¤šà¤¾ नहीं पैदा करेगी, वो ऑपरेशन करवा सकती है। इस ऑपरेशन में महिला की फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में छोटा सा कट लगाकर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सिल दिया जाता है। इससे ओवरी में बनने वाले à¤à¤— सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® के कांटेकà¥à¤Ÿ में नहीं आते। ये à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीका है और इसका महिला की सेकà¥à¤¸ लाइफ पर कोई असर नहीं पड़ता।
9. फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ काउंट (Fertility count)
ये बहà¥à¤¤ रिसà¥à¤•ी तरीका है और इसपर पूरी तरह से à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ नहीं किया जाना चाहिà¤à¥¤ बहà¥à¤¤ सी महिलाà¤à¤‚ अपने पीरियडà¥à¤¸ की तारीख का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखते हà¥à¤ सेफ टाइम जोड़ लेती है। सेफ टाइम वो दिन होते हैं जब सेकà¥à¤¸ करने पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ ना हो। लेकिन मà¥à¤¶à¥à¤•िल ये है कि ये तरीका आपको धोखा दे सकता है। इसीलिठइसके साथ ही ऊपर बताया गया कोई और तरीका à¤à¥€ जरूर अपना लें।
| --------------------------- | --------------------------- |